जयपुर में पहाड़ ढहा, पत्थरों में दबे युवक की मौत:जान बचाने के लिए मशीन से कूदा था, 15 घंटे बाद निकाला शव

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जयपुर के जोबनेर में खनन के समय पहाड़ी का हिस्सा ढहने से मलबे में दबे युवक की मौत हो गई और मशीन ड्राइवर घायल हो गया। हादसा महेशवास गांव में बंधे के बालाजी के पास मंगलवार शाम करीब 5 बजे हुआ। सूचना पर पुलिस और सांभरलेक एसडीएम ऋषिराज कपिल मौके पर पहुंचे।

रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद करीब 15 घंटे बाद बुधवार सुबह 8:30 बजे युवक के शव को बाहर निकाला जा सका। जबकि मशीन ड्राइवर दुर्गेश जायसवाल (22) को मंगलवार शाम बाहर निकाल लिया था।

थानाधिकारी मोतीलाल शर्मा ने बताया- उत्तर प्रदेश के सच्चेलाल यादव (19) की मौत हो गई। वह खान पर हेल्पर था।

सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

टीमों ने मंगलवार को रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
टीमों ने मंगलवार को रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

जान बचाने कूदा, पत्थरों के नीचे दबने से हुई मौत

जानकारी के अनुसार- हादसे के समय खदान में दो पॉकलेन मशीनें थीं, जिनमें से एक से पत्थर निकालने का काम चल रहा था। अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा गिर पड़ा, जिससे मशीन खिसककर दूर जा गिरी। केबिन में बैठा ड्राइवर, दुर्गेश मामूली रूप से चोटिल हुआ, जबकि जान बचाने के लिए नीचे कूदा हेल्पर सच्चेलाल पत्थरों के मलबे में दब गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बुधवार सुबह शव बाहर निकाला जा सका।
रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बुधवार सुबह शव बाहर निकाला जा सका।

30 साल की लीज, जयपुर के कारोबारी के पास संचालन

जानकारी के अनुसार, खदान फुलेरा निवासी अंबेदीप सिंह के नाम से 30 साल की लीज पर अलॉट है, जहां पिछले 27 साल से पत्थर निकालने का काम चल रहा है। फिलहाल इस लीज का संचालन जयपुर निवासी अजय अग्रवाल कर रहे हैं। वहीं, ग्रामीणों ने खदान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं।

थानाधिकारी मोतीलाल शर्मा ने बताया- परिजनों के जोबनेर पहुंचने पर पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा और उनकी रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Fact Post News
Author: Fact Post News