राजस्थान में फिर बढ़ा जमीनों में निवेश का क्रेज:रजिस्ट्री से सरकार को पिछले साल के मुकाबले 28 फीसदी ज्यादा रेवेन्यू मिला

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राजस्थान में लोग फिर से जमीनों में निवेश के लिए ज्यादा दिलचस्पी दिखाने लगे हैं। यही कारण है कि राज्य में इस साल बड़ी संख्या में जमीनों की खरीद-फरोख्त देखने को मिली है। इसका असर सरकार के रेवेन्यू पर भी दिखा है। पिछले साल (1 अप्रैल 2025 से 24 सितंबर 2025 तक) की तुलना में इस साल (1 अप्रैल 2026 से 24 सितंबर 2026 तक) सरकार को रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी के पेटे 28 फीसदी से ज्यादा रेवेन्यू मिला है।

सरकार ने पिछले 5 माह में डीएलसी दरों में दो बार बढ़ोतरी की है, जिससे जमीनों की डीएलसी अनुमानित 35 फीसदी तक बढ़ गई। इस बढ़ोतरी से भी सरकार को काफी मुनाफा हुआ है।

मुद्रांक एवं पंजीयन विभाग की एक रिपोर्ट देखें तो इस साल 1 अप्रैल से 24 सितंबर तक सरकार को रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी के जरिए 7 हजार 264 करोड़ रुपए मिले है। ये पिछले साल से 1,606 करोड़ (28 फीसदी) से ज्यादा हैं। पिछले साल इस अवधि में रेवेन्यू 5,658.26 करोड़ रुपए था।

किसी भी महीने एक हजार करोड़ रुपए से कम नहीं हुई आय

खास बात यह है कि मौजूदा वित्तवर्ष के पिछले 5 माह में ऐसा एक भी महीना नहीं रहा, जब रेवेन्यू 1 हजार करोड़ रुपए से कम आया हो। अप्रेल से अगस्त तक हर महीने 1 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का रेवेन्यू सरकार को रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी से मिला है।

39 फीसदी लक्ष्य पूरा

आपको बता दें कि सरकार ने इस साल रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी से 18 हजार 750 करोड़ रुपए के रेवेन्यू का टारगेट रखा है। अभी मौजूदा वित्तवर्ष के 6 माह भी पूरे नहीं हुए है। करीब 39 फीसदी लक्ष्य पूरा हो चुका है।

Fact Post News
Author: Fact Post News