राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने सोमवार को अपने गुट के साथ नामांकन वापस ले लिया। पराक्रम ने बृजकिशोर उपाध्याय को समर्थन दिया है। पराक्रम सिंह ने कहा- मैंने किसी दबाव में नाम वापस नहीं लिया है।
पराक्रम सिंह RCA अध्यक्ष पद के दावेदार थे। उन्होंने चुनाव लड़ने के दौरान 32 वोटों का समर्थन होने का दावा भी किया था।
हालांकि कार्यकारी सदस्य पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले धर्मवीर शेखावत ने अपना नाम वापस नहीं लिया है। वहीं चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह (अध्यक्ष पद पर), सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी (कोषाध्यक्ष पद पर) और भाजपा विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव (सचिव और उपाध्यक्ष पद पर) ने अब तक नामांकन वापस नहीं लिया है। दूसरी ओर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर पहले ही नाम वापस ले चुके हैं। ऐसे में RCA का चुनाव अब राजनीतिक रस्साकशी और बदलते समर्थन के बीच दिलचस्प होता जा रहा है।
छह सदस्यों की कार्यकारिणी के चुनाव में तीन अलग-अलग गुटों ने शनिवार को नामांकन दाखिल किया था। आरसीए के चुनाव 29 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेंगे। इसके बाद शाम को परिणाम आएगा।
बता दें कि आरसीए में दिसंबर 2022 में निर्विरोध वैभव गहलोत अध्यक्ष बने थे। इसके बाद फरवरी 2024 में इस्तीफा दिया था।

पराक्रम बोले- अध्यक्ष बनना चाहता था
नामांकन वापस लेने के बाद पराक्रम सिंह ने कहा- जब मैंने चुनाव लड़ने का फैसला किया था, तब मेरे पास 32 वोटों का समर्थन था। संख्या बल के लिहाज से मेरा गुट मजबूत स्थिति में था। मैं खुद राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष बनना चाहता था। मेरे साथियों ने भी अलग-अलग पदों के लिए नामांकन दाखिल किए थे। बाद में सरकार के स्तर पर अलग फैसला हुआ। सरकार ने बृजकिशोर उपाध्याय को अध्यक्ष बनाने और उनके साथियों को छह सदस्यीय कार्यकारिणी में जगह देने का निर्णय लिया। इसके बाद मैंने सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए अपने गुट के साथ नामांकन वापस लेने का निर्णय किया।
पार्टी के खिलाफ जाना संस्कारों में नहीं
पराक्रम सिंह ने कहा- मेरे पास मजबूत संख्या बल था। इसी आधार पर मैंने चुनाव लड़ने का फैसला किया था। हालांकि मेरे संस्कार मुझे पार्टी के खिलाफ जाने का फैसला करने की अनुमति नहीं देते। इसलिए मैंने बृजकिशोर उपाध्याय के नेतृत्व में अपने नाम वापस लेने का निर्णय किया। पराक्रम सिंह ने कहा- मुझे उम्मीद ही नहीं, बल्कि पूरा विश्वास है कि बृजकिशोर उपाध्याय राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के लिए अच्छा काम करेंगे।

अध्यक्ष से लेकर संयुक्त सचिव पद तक नाम वापस
RCA चुनाव में पराक्रम सिंह के गुट की ओर से अलग-अलग पदों पर नामांकन दाखिल किए गए थे। अब इस गुट के प्रमुख चेहरों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं। अध्यक्ष पद पर पराक्रम सिंह, सचिव पद पर बृजकिशोर उपाध्याय, कोषाध्यक्ष पद पर सुशील जैन और संयुक्त सचिव पद पर गोविंद उपाध्याय ने नामांकन वापस ले लिया है। हालांकि कार्यकारी सदस्य पद के लिए मैदान में उतरे धर्मवीर शेखावत ने अभी अपना नाम वापस नहीं लिया है। ऐसे में एक तरफ जहां कुछ उम्मीदवारों के हटने से चुनावी समीकरण बदल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ दावेदार अब भी मुकाबले में बने हुए हैं।




मंत्रियों और नेताओं के बेटों पर टिकी नजरें
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव में अब सबसे ज्यादा चर्चा उन उम्मीदवारों को लेकर है। इनके परिवारों का प्रदेश की राजनीति में प्रभाव है। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह, सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी और भाजपा विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव ने अब तक अपना नामांकन वापस नहीं लिया है। वहीं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर पहले ही चुनावी मैदान से हट चुके हैं। पराक्रम सिंह के नाम वापसी के फैसले ने इस मुकाबले में नए राजनीतिक समीकरण खड़े कर दिए हैं।

ढाई साल में 10 बार बढ़ाया था एडहॉक कमेटी का कार्यकाल, जुलाई में कोर्ट ने की थी भंग
राजस्थान हाईकोर्ट ने 1 जुलाई 2026 को राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एडहॉक कमेटी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया था। लंबे विवाद के बीच हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया था। कोर्ट ने होम सेक्रेटरी (IAS) भास्कर ए. सावंत को RCA का इंचार्ज नियुक्त किया था। मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा की खंडपीठ ने की थी।
वहीं इससे पहले एडहॉक कमेटी का कार्यकाल तीन महीने के लिए 27 जून को बढ़ाया गया था। RCA की एडहॉक कमेटी का कार्यकाल लगातार 10वीं बार बढ़ाया था। सहकारिता रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा ने एडहॉक कमेटी का कार्यकाल तीन महीने बढ़ाने के आदेश जारी किए थे।

भाजपा सरकार बनने के बाद वैभव गहलोत ने दिया था इस्तीफा
बीजेपी सरकार बनने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत ने फरवरी 2024 को RCA अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद धनंजय सिंह खींवसर को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। सरकार ने 28 मार्च 2024 को RCA की कार्यकारिणी के चुनाव कराने के उद्देश्य से तीन महीने के लिए एडहॉक कमेटी का गठन किया था। हालांकि तय समय सीमा में चुनाव नहीं हो सके।
इसके बाद 29 जून 2024, 28 सितंबर 2024, 26 दिसंबर 2024, 27 मार्च 2025, 27 जून 2025, 26 सितंबर 2025, 26 दिसंबर 2025 और 28 मार्च 2026 को भी कमेटी का कार्यकाल तीन-तीन महीने के लिए बढ़ाया जाता रहा। इसके बाद 27 जून 2026 को कार्यकाल फिर से 3 महीने के लिए बढ़ाया गया था।





