भीलवाड़ा के गंगाजी का खेड़ा में त्रिशूल महादेव की मूर्ति चोरी के विरोध में मोबाइल टावर पर चढ़ा दूसरा युवक 36 घंटे बाद नीचे उतरा। समझाने के बाद रविवार देर रात नीचे आते ही पुलिस ने युवक को डिटेन कर लिया।
सुरेश ने बताया – प्रशासन और संबंधित पक्ष के साथ चार प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है। मूर्ति ले जाने वाले लोगों ने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार कर ली है। साथ ही दंडवत के रूप में 25 लाख रुपए की राशि कोर कमेटी को दी जाएगी।
मंदिर व्यवस्था के तहत जमीन को आधिकारिक सरकारी रिकॉर्ड में ‘त्रिशूल महादेव’ के नाम दर्ज कराया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली के उसी व्यक्ति द्वारा नई मूर्ति बनवाकर दी जाएगी, जिसने पहले वाली मूर्ति बनवाई थी।
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6 महीने पहले हुई थी मूर्ति चोरी
गंगाजी का खेड़ा गांव में त्रिशूल महादेव मंदिर में करीब 6 महीने पहले मूर्ति चोरी की घटना हुई थी। इससे आक्रोशित होकर दो युवक शनिवार सुबह मोबाइल टावर पर चढ़ गए थे। दोनों युवकों ने मूर्ति चोरी के मामले में कार्रवाई सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध जताया था।
युवकों के टावर पर चढ़ने की सूचना के बाद प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों से नीचे उतरने की समझाइश की। शनिवार रात टावर पर चढ़ा अभिषेक नीचे उतर गया था।
सुरेश 36 घंटे तक टावर पर रहा
अभिषेक के नीचे उतरने के बाद दूसरा युवक सुरेश जाट अपनी मांगों को लेकर टावर पर ही अड़ा रहा। करीब 36 घंटे तक मोबाइल टावर पर रहने के बाद रविवार देर रात प्रशासन की समझाइश पर वह नीचे उतर आया। नीचे आते ही पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
पुलिस अब सुरेश से पूछताछ कर रही है। टावर पर चढ़कर विरोध करने की परिस्थितियों और मूर्ति चोरी प्रकरण से जुड़ी मांगों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।





