जयपुर। महल रोड पर बार-बार गलत दिशा में कट लेने और अनियंत्रित तरीके से वाहन मोड़ने की समस्या से वाहन चालकों को राहत देने की दिशा में जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने एट-ग्रेड यू-टर्न व्यवस्था शुरू कर दी है। सोमवार से शुरू हुई इस व्यवस्था के बाद वाहन चालकों को निर्धारित स्थानों पर सुरक्षित तरीके से दिशा बदलने की सुविधा मिलने लगी है। इससे महल रोड पर यातायात को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
जेडीए के विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि यू-टर्न व्यवस्था के साथ सड़क सुरक्षा के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। यू-टर्न स्थलों पर ट्रैफिक चैनलाइजेशन, स्पष्ट रोड मार्किंग, दिशा-सूचक संकेतक और डेलीनेटर लगाए गए हैं। इन व्यवस्थाओं के जरिए वाहनों को निर्धारित लेन में संचालित करने और वाहन चालकों को सही दिशा में मार्गदर्शन देने का प्रयास किया गया है।
मनमाने कट और गलत दिशा में चलने पर लगेगा अंकुश
नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल वाहनों को यू-टर्न की सुविधा देना नहीं है, बल्कि महल रोड पर यातायात को सुरक्षित और अनुशासित बनाना भी है। निर्धारित स्थानों पर यू-टर्न उपलब्ध होने से वाहन चालकों को सड़क के बीच से या अन्य असुरक्षित स्थानों से अचानक वाहन मोड़ने की जरूरत कम होगी। इससे यातायात के दौरान होने वाले अनावश्यक व्यवधान को भी कम करने में मदद मिल सकती है।
यू-टर्न प्वाइंट पर लगाए गए संकेतक और रोड मार्किंग वाहन चालकों को पहले से दिशा की जानकारी देंगे। वहीं डेलीनेटर और ट्रैफिक चैनलाइजेशन के जरिए वाहनों की आवाजाही को निर्धारित मार्ग में बनाए रखने की व्यवस्था की गई है।
जेडीए की वाहन चालकों से अपील
JDA ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे केवल निर्धारित यू-टर्न का ही इस्तेमाल करें और गलत दिशा में वाहन नहीं चलाएं। वाहन चलाते समय लेन अनुशासन बनाए रखें तथा रोड मार्किंग, दिशा-सूचक संकेतकों और अन्य यातायात निर्देशों का पालन करें। साथ ही निर्धारित गति सीमा का पालन करते हुए अन्य वाहन चालकों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
व्यवस्था की होगी नियमित निगरानी
JDA अधिकारियों के अनुसार यू-टर्न व्यवस्था शुरू होने के बाद महल रोड पर यातायात और सड़क सुरक्षा की स्थिति की नियमित निगरानी की जाएगी। जरूरत के मुताबिक यातायात प्रबंधन से जुड़े इंतजामों में सुधार भी किया जाएगा।
JDA का कहना है कि एट-ग्रेड यू-टर्न व्यवस्था से महल रोड पर यातायात संचालन को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही वाहन चालकों को अनावश्यक चक्कर लगाने से बचने पर समय और ईंधन की बचत होने की भी उम्मीद है।





