वंचित परिवारों और किशोरियों के जीवन में ला रहा सकारात्मक परिवर्तन
शिक्षा, स्वास्थ्य, परामर्श और कौशल विकास के माध्यम से गढ़ रहा सशक्त समाज की नई तस्वीर
बदल रही तकदीर… सहयोग केंद्र बना नजीर
न्यूज इन राजस्थान सुनील शर्मा
उदयपुर। परिवार सहयोग केंद्र आज उदयपुर के किशनपोल क्षेत्र की बस्तियों में सामाजिक संवेदनशीलता, मानवीय सहयोग और सामुदायिक सशक्तिकरण का प्रेरणादायी केंद्र बनकर उभरा है। फोस्टर केयर सोसायटी द्वारा संचालित यह केंद्र उन जरूरतमंद परिवारों के जीवन में आशा, विश्वास और आत्मनिर्भरता की नई किरण जगा रहा है, जो लंबे समय से आर्थिक अभाव, सामाजिक उपेक्षा और मानसिक चुनौतियों से संघर्षरत रहे हैं।
किशनपोल क्षेत्र की अनेक बस्तियों में रहने वाले परिवार वर्षों से सरकारी योजनाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा से वंचित थे। ऐसे में परिवार सहयोग केंद्र की समर्पित टीम घर घर पहुंच कर लोगों को जागरूक करने के साथ उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य कर रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए दस्तावेज तैयार करवाने, आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करवाने तथा संबंधित विभागों तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने में भी केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
यह केंद्र बच्चो, महिलाओ, किशोरियों और बुजुर्गों सभी के लिए एक सुरक्षित, सवेदनशील और भरोसेमंद मंच के रूप में कार्य कर रहा है, जहां उन्हें आवश्यक जानकारी, मार्गदर्शन, परामर्श और भावनात्मक सहयोग प्राप्त होता है। केंद्र का उद्देश्य केवल तात्कालिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि परिवारों को विघटन से बचाना, उनमें आत्मविश्वास और सामाजिक सुरक्षा की भावना विकसित करना तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से सम्मानपूर्वक जोडना है।
इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए फोस्टर केयर सोसायटी ने PEARL परियोजना की शुरुआत की है। जिसके तहत 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग की किशोरी बालिकाओं को शामिल किया गया है, जो बाल विवाह, कुपोषण, गरीबी, स्वास्थ्य समस्याओं और शिक्षा के सीमित अवसरों जैसी विषम परिस्थितियों से प्रभावित रही है। परियोजना का उद्देश्य बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता प्रदान कर भविष्य को नई दिशा देना है।
परियोजना के तहत सात प्रमुख सीखने और विकास के क्षेत्रों पर विशेष रूप से कार्य किया जा रहा है। इनमें बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ना, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करना, बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा संबंधी जानकारी देना, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना, नेतृत्व क्षमता का विकास करना, रोजगारोन्मुख कौशल सिखाना तथा रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करना शामिल है।
परिवार सहयोग केंद्र द्वारा नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन भी किया जाता है, जिनमें निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, पोषण संबंधी परामर्श, टीकाकरण तथा बच्चों के लिए खेल एवं शिक्षण गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं। इसके अतिरिक्त परिवारों को मनोसामाजिक परामर्श प्रदान कर मानसिक तनाव, पारिवारिक संघर्ष और भावनात्मक समस्याओं से उबरने में सहयोग दिया जा रहा है, जिससे परिवारों में संवाद, विश्वास और आपसी संबंधों की मजबूती बढ़ रही है।
केंद्र में किशोरियों के लिए विशेष रोजगारोन्मुख कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। जिसके तहत बालिकाओं को ऊनी आसन, मोमबत्तियां, वाल हैंगिंग और टी-कोस्टर जैसी उपयोगी एवं बाजार में माग वाली वस्तुए तैयार करना सिखाया जा रहा है, ताकि वे घर बैठे स्वरोजगार से जुड़ सकें और परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में योगदान दे सकें।
यह पहल केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि किशोरियों और परिवारों को सम्मानजनक जीवन, आर्थिक आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करने का सशक्त प्रयास है। परिवार सहयोग केंद्र आज यह संदेश दे रहा है कि यदि समाज के कमजोर वर्गों को सही मार्गदर्शन, संवेदनशील सहयोग और अवसर उपलब्ध कराए जाएँ, तो वे न केवल अपने जीवन में परिवर्तन ला सकते हैं, बल्कि समाज के विकास में भी अहम भागीदारी निभा सकते हैं।
मानवीय संवेदनाओं, निरतर प्रयासों और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से समाज के सबसे कमजोर और उपेक्षित वर्गों के जीवन में भी स्थायी, सकारात्मक और प्रेरणादायी बदलाव लाया जा सकता है। उदयपुर के किशनपोल क्षेत्र में संचालित परिवार सहयोग केंद्र आज सहयोग, संरक्षण और सशक्तिकरण का एक जीवत उदाहरण बन चुका है।









