अधिकांश अभ्यर्थियों का सपना होता है कि उच्च प्रशासनिक पदों जैसे-IAS/IPS को प्राप्त करें, जिसमें कुछ बच्चों का तो बचपन से ही अधिकारी बनने का सपना होता है। अभिभावकों और बच्चों के मन में प्रश्न होता है कि तैयारी कब से और कैसे आरम्भ करें। इस विषय पर चर्चा की है देश की सर्वश्रेष्ठ कोचिंग ‘संस्कृति IAS’ के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अखिल मूर्ति सर से। चर्चा के महत्वपूर्ण अंश इस लेख में साझा कर रहा हूँ।

आपको बता दें कि अखिल मूर्ति सर सिविल सेवा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को इतिहास विषय पढ़ाते हैं। सर ने रटने की संस्कृति के स्थान पर अपनी अध्यापन शैली में समझ की संस्कृति ईजाद की है। जानकारी के लिए बता दूँ कि सर दृष्टि IAS में लम्बे समय से पढ़ा रहे थे। वर्तमान में संस्कृति IAS Coaching में पढ़ा रहे हैं, जिसके मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं। यह संस्था दिल्ली के मुख़र्जीनगर से संचालित हो रही है, जिसकी एक शाखा प्रयागराज में भी है।
अखिल मूर्ति सर से पहला प्रश्न था कि UPSC सिविल सेवा परीक्षा की बेसिक जानकारी साझा करें, जो तैयारी की चाह रखने वाले व्यक्तियों को पता होनी चाहिए।
शुरुआती समझ के महत्वपूर्ण बिंदु साझा करते हुए सर ने बताया कि हमें अपनी तैयारी आरम्भ करने से पहले इस परीक्षा की अर्हताओं एवं आयोग की अपेक्षाओं को जान लेना चाहिए। सर ने कुछ महत्वपूर्ण अर्हताओं को संक्षिप्त में साझा किया है, जो निम्नलिखित हैं-
- मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
- स्नातक उत्तीर्ण होना चाहिए, मार्क्स/प्रतिशत की कोई शर्त नहीं है।
- स्नातक के अंतिम वर्ष में भी इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं
- सामान्य वर्ग के लिए आयु सीमा 21 से 32 वर्ष एवं आरक्षित श्रेणियों के लिए आयु में कुछ छूट है।
- सामान्य श्रेणी के लिए 6 प्रयास(Attempt) हैं। आरक्षित श्रेणियों के लिए कुछ अतिरिक्त प्रयास मिलते हैं।
सर से दूसरा प्रश्न था कि तैयारी की शुरुआत का सही समय क्या हो? जैसा कि आपने बताया कि शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएशन है, क्या तैयारी शुरू करने के लिए अभ्यर्थियों को इसके उत्तीर्ण होने तक इन्तजार करना चाहिए?
सर ने कहा कि कक्षा 12 के अभ्यर्थी निर्णायक समय में होते हैं। यहाँ तक आते-आते अभ्यर्थियों में ठीक-ठाक परिपक्वता आ चुकी होती है। मुख्य रूप से यहाँ से अभ्यर्थियों को अपने करियर को दिशा देनी होती है। यदि अभ्यर्थी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं तो इस चरण से अपने रुझान को तैयारी की दिशा में मोड़ सकते हैं-
- सामान्यतया 12वीं पास अभ्यर्थी की उम्र 17 से 18 वर्ष होती है। ग्रेजुएशन पूरा करते ही उसकी उम्र लगभग 21 वर्ष हो जाती है।
- सिविल सेवा परीक्षा की बेहतर तैयारी में कम से कम 2 वर्ष लग जाते हैं।
- यानी यह वही समय है जब परीक्षा की आयु सीमा में प्रवेश करते ही पहले प्रयास के लिए तैयारी को सम्पूर्णता दे सकते हैं।
सर बताइए कि 12वीं के बाद से ही यदि UPSC की तैयारी शुरू करना चाहते हैं तो उन्हें कैसे शुरुआत करनी चाहिए?
- सर्वप्रथम ग्रेजुएशन में एडमिशन लें।
- अच्छा होगा कि ग्रेजुएशन के विषय वैकल्पिक विषय से मेल खाते हों।
- घटित घटनाओं से स्वयं को अपडेट रखने का प्रयास करें।
- स्नातक के साथ ही NCERT की पुस्तकों का भी अध्ययन शुरू कर दें।
- यदि समय मिले तो किसी बेहतर कोचिंग संस्था से जुड़ जाएँ।
- रीडिंग स्किल, राइटिंग स्किल, भाषा, वर्तनी, प्रवाह आदि को बेहतर बनाने का प्रयास करें।
- ग्रेजुएशन पूरा होते ही पाठ्यक्रम एवं विगत वर्षो के प्रश्नों के माध्यम से अपनी तैयारी को सम्पूर्णता दें।
- 21 वर्ष आयु पूरी होने के उपरान्त अपना First attempt दें।
इस प्रकार सर ने जानकारी साझा करते हुए कहा है कि 12वीं के बाद अभ्यर्थी ग्रेजुएशन के साथ संतुलन साधते हुए तैयारी की शुरुआत कर सकते हैं। सर द्वारा सुझाए गए उक्त टिप्स इन अभ्यर्थियों की तैयारी को सम्पूर्णता देंगे। यदि ऐसे किसी भी अभ्यर्थी को एक विश्वसनीय कोचिंग की तलाश है तो वे संस्कृति IAS कोचिंग संस्थान से जुड़ सकते हैं। यहाँ तैयारी की शुरुआत करने लिए विशेष कक्षा कार्यक्रम संचालित हैं।





