राजसमंद झील का गेज 20 फीट के करीब पहुंचा:छलकने के लिए 10 फीट और पानी की जरूरत, 2023 में हुई थी ओवरफ्लो

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राजसमंद में मानसून धीमा पड़ने के बावजूद नदी-नालों में पानी की आवक जारी है। जिससे जलस्स्रोतों में भी पानी की आवक हो रही है। जिले के 25 प्रमुख बांधों में से नंदसमंद, बाघेरी नाका व चिकलवास बांध सहित कुल 8 बांध पहले ही लबालब हो चुके है।

वही जिले के सबसे बड़े और प्रमुख जल स्त्रोत राजसमंद झील में पानी की आवक जारी है। झील का गेज 20 फीट के करीब पहुंच चुका है, जबकि अभी 10 फीट पानी की ओर जरूरत है। राजसमंद झील में पानी की आवक के 2 प्रमुख स्त्रोत है गोमती नदी व खारी फीडर।

रामदरबार बांध से निकलती है गोमती नदी गोमती नदी का उद्गम स्थल सेवंत्री स्थित रामदरबार बांध से है। सेवंत्री व गढबोर क्षेत्र में अच्छी बारिश के बाद ही गोमती नदी में पानी की आवक होती है। गोमती नदी का पानी सीधा राजसमंद झील पहुंचता है। गोमती नदी झील के लिए बड़ा आवक स्त्रोत है जो अभी धीमा पड़ा हुआ है। जबकि दूसरा स्त्रोत खारी फीडर है जो टांटोल स्थित नंदसमंद बाध से कनेक्ट है। नंदसमंद बांध के अतिरिक्त पानी को खारी फीडर में छोड़ा जाता है जो सीधा राजसमंद झील पहुंचता है। वर्तमान में खारी फीडर से झील में पानी की आवक हो रही है, जबकि गोमती नदी का वेग बहुत ही कम है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra