कारखाना सीज कराने की धमकी, माल बचाने की कीमत 2.20 लाख! DST के दो कांस्टेबल ACB के जाल में

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कारखाना सीज कराने की धमकी, माल बचाने की कीमत 2.20 लाख! DST के दो कांस्टेबल ACB के जाल में

फैक्ट पोस्ट सुनील शर्मा
जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने खैरथल-तिजारा जिले की जिला विशेष टीम (DST) के दो कांस्टेबलों को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कांस्टेबल ब्रजेश (नंबर 210) और कांस्टेबल ईश्वर सिंह (नंबर 333) के रूप में हुई है। एसीबी ने रिश्वत की राशि बरामद कर ली है। आरोपियों पर परिवादी और अन्य कारोबारियों की फर्मों पर कार्रवाई नहीं करने तथा तैयार माल नष्ट नहीं करवाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।

*कारखाने पर पहुंचकर कार्रवाई की धमकी देने का आरोप*

एसीबी महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता के अनुसार, एसीबी चौकी अलवर प्रथम को परिवादी ने शिकायत दी थी कि खैरथल-तिजारा DST प्रभारी गौरव और उनकी टीम के सदस्य ब्रजेश तथा ईश्वर सिंह सादे कपड़ों में उसके कारखाने पर पहुंचे थे। आरोप है कि टीम ने कारखाने में लगे कैमरे हटवा दिए और नकली कलाकंद बनाने का आरोप लगाते हुए खाद्य विभाग की टीम को बुलाया। खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर माल के नमूने लिए।

परिवादी का आरोप था कि इसके बाद कांस्टेबल ब्रजेश ने कारखाने का माल नष्ट करवाने से बचाने और कारखाना सीज नहीं करवाने की एवज में एक-दो दिन में एक लाख रुपये देने की मांग की। वहीं, कांस्टेबल ईश्वर सिंह ने परिवादी के परिचित अन्य कारोबारियों से भी 50-50 हजार रुपये लेकर DST कार्यालय आने को कहा। ऐसा नहीं करने पर उनके कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी देने का भी आरोप है।

*सत्यापन में 2.20 लाख की मांग की पुष्टि*

एसीबी द्वारा शिकायत का सत्यापन करवाया गया। सत्यापन के दौरान दोनों कांस्टेबलों की ओर से परिवादी और सहपरिवादियों की फर्मों पर कार्रवाई नहीं करने तथा तैयार माल नष्ट नहीं करवाने के बदले कुल 2 लाख 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।

इसके बाद पुलिस अधीक्षक, जयपुर रेंज पीयूष दीक्षित के सुपरविजन में एसीबी चौकी अलवर प्रथम के प्रभारी एवं पुलिस उप अधीक्षक शब्बीर खान के नेतृत्व में ट्रैप की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान कांस्टेबल ब्रजेश और कांस्टेबल ईश्वर सिंह को परिवादी से दो लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।

*वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच जारी*

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपियों से पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी है। ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।

Fact Post News
Author: Fact Post News