लॉरेंस की राजस्थान के 2 बिजनेसमैन की हत्या की प्लानिंग:सबसे खतरनाक शार्पशूटर्स को नेपाल से बुलाया, 5-5 लाख के इनामी, विदेश भागने वाले थे

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राजस्थान की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के हत्थे चढ़े लॉरेंस गैंग के 2 शार्प शूटरों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। दोनों जोधपुर के 2 व्यापारियों को मारने आए थे।

इसके लिए विदेशी ऑटोमैटिक हथियारों की खेप पहुंचने वाली थी। वारदात के बाद इनका फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भागने का भी प्लान था।

AGTF को 15 दिन पहले ही इसकी जानकारी मिल गई थी। पकड़ने के लिए पुलिस टीमें नेपाल भी पहुंची थी। लेकिन वहां से ये भाग निकले।

पुलिस वहां से शूटरों के पीछे लगी। बदमाश 5 बार चकमा देने में कामयाब रहे। आखिरकर, जोधपुर पहुंचते ही इनको दबोच लिया गया।

शूटरों पर पंजाब पुलिस ने 5-5 लाख का इनाम घोषित किया हुआ था। इस स्पेशल स्टोरी में पढ़िए पकड़े जाने की पूरी कहानी…

15 दिन में 5 बार चकमा दिया, जोधपुर में पकड़े गए

एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के एडीजी दिनेश एमएन ने बताया- टीम को 15 दिन पहले टिप मिली थी कि नेपाल में फरारी काट रहे लॉरेंस के 2 शूटर जसकरण और राजिंदर राजस्थान में वारदात के लिए आ रहे हैं। बदमाशों के नेपाल में होने की पुष्टि हुई। टीम नेपाल पहुंची, लेकिन उससे पहले ही दोनों वहां से निकल चुके थे।

  • बदमाशों की लोकेशन गोरखपुर आने पर टीम वहां पहुंची, लेकिन पुलिस को कामयाबी नहीं मिली। दो दिन सर्च के बाद पता चला कि शूटर वाराणसी पहुंच गए हैं।
  • टीम ने काशी के होटलों में सर्च किया, लेकिन दोनों बदमाश फर्जी आईडी से होटल में रुके हुए थे, इसी वजह से पकड़े नहीं जा सके। करीब 3 दिन काशी में सर्च के बाद पता चला कि दोनों बदमाश इंदौर पहुंच गए हैं। वहां भी 3 दिन तक पुलिस को कोई खास कामयाबी नहीं मिली।
  • इस बीच इंटेलीजेंस टीम को पता चला कि दोनों बदमाश राजस्थान में एंटर कर चुके हैं और सिरोही के एक होटल में हैं। लोकल पुलिस की मदद से होटलों में सर्च चलाया। लेकिन रेड से पहले दोनों बस से जोधपुर के लिए निकल गए।
  • इसके बाद बदमाशों की लोकेशन जोधपुर आई, जहां आईजी अंशुमान भोमिया की मदद से दोनों बदमाशों को होटल में पकड़ा। तलाशी के दौरान बदमाशों के पास दो हथियार, करीब 88 हजार रुपए और अफीम मिली।

जोधपुर के 2 व्यापारी थे टारगेट पर

बदमाशों ने कड़ाई से पूछताछ के बाद खुलासा किया वो जोधपुर में एक बड़ी वारदात को अंजाम देने आए थे। इनके टारगेट पर 2 व्यापारी थी। इसके साथ ही जोधपुर से ही इनको ऑटोमैटिक हथियारों की सप्लाई होनी थी।

शूटर जसकरण उर्फ बिल्ला के मोबाइल फोन से कई इंटरनेशनल नंबरों और जोधपुर के लोकल नंबरों पर कॉल का रिकॉर्ड मिला है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों किसके संपर्क में थे और टारगेट पर कौनसे व्यापारी थे।

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनको 2 बिजनेसमैन को शूट करने का टारगेट मिला हुआ था।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनको 2 बिजनेसमैन को शूट करने का टारगेट मिला हुआ था।

बाकी शूटर जेलों में, इसलिए लॉरेंस ने नेपाल से बुलवाया

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया- लॉरेंस गैंग में काम करने वाले करीब 35 शूटर दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और एमपी की जेलों में बंद हैं।

लेकिन ये दोनों 2025 में दो मर्डर के बाद नेपाल में फरारी काट रहे थे। इसलिए लॉरेंस ने दोनों को जोधपुर में वारदात के लिए बुलाया था।

पुलिस के मुताबिक लॉरेंस ने आश्वासन दिया था- जोधपुर में वारदात के बाद दोनों को नेपाल के रास्ते नकली पासपोर्ट से विदेश भिजवा देगा।

शूटरों के मददगारों पर भी कसेगा शिकंजा

शूटरों ने पुलिस को बताया कि वो जोधपुर में किसी को नहीं जानते। उनके पास एक शख्स का फोन आता था। पुलिस ने फोन से संपर्क में आए कुछ लोगों को राउंडअप कर पूछताछ शुरू कर दी है। जोधपुर में भी ये लोग बड़ी वारदात करने के लिए आए थे, पुलिस दोनों बदमाशों के जोधपुर के संपर्क की तलाश कर रही है।

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Author: Fact Post News