जयपुर(सुनील शर्मा) राज्य सरकार द्वारा राजस्थान को वर्ष 2030 तक देश का अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से ‘विजन दस्तावेज-2030‘ तैयार किया जा रहा है।
जयपुर विकास आयुक्त एवं नोडल अधिकारी डॉ.जोगा राम अध्यक्षता में राजस्थान -मिशन 2030 के अन्तर्गत जयपुर विकास प्राधिकरण एवं नगर निगम जयपुर ग्रेटर एवं हैरिटेज, जेसीटीएसएल,जेएमआरसी, राजस्थान हाउसिंग बोर्ड से सम्बन्धित हितधारकों के साथ 8 सितम्बर को ’शहरी विकास एवं स्वच्छता’ विषय पर परामर्श/संवाद कार्यक्रम संपन्न हुआ। जिसमें विभागो के अधिकारीयों के साथ साथ 55 से अधिक विषय विशेषज्ञ,टाउन प्लानर्स,नगरीय निकायों के प्रतिनिधि,स्वयंसेवी संस्थाएं,बिल्डर्स संगठनों के प्रतिनिधियों,निजी नगरीय परिवहन यूनियनों के प्रतिनिधियों एवं स्ट्रीट वेंडर यूनियनों के प्रतिनिधियों ने स्टेक होल्डर्स (हितधारक) एवं उनके 110 से अधिक संख्या में प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।जयपुर विकास आयुक्त एवं नोडल अधिकारी डॉ जोगाराम ने उपलब्धियों के प्रस्तुतीकरण उपरान्त हितधारकों से सुझाव प्राप्त किए और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सुझाव कंपाइल कर नगरीय विकास विभाग को प्रेषित किए जायेंगें।कार्यक्रम के दौरान हितधारकों से परामर्श/संवाद के दौरान यह भी पूछा गया कि वे भविष्य में अपने राज्य एवं अपने जिले के शहरी विकास एवं स्वच्छता क्षेत्र को किस दृष्टि से देखते है तथा इसे वर्ष 2030 में कहां देखना चाहते है।कार्यक्रम में नगर निगम जयपुर ग्रेटर एवं हैरिटेज के आयुक्त,जेडीए सचिव उपस्थित रहे।उन्होंने बताया कि हितधारकों से परामर्श/संवाद कार्यक्रम के माध्यम से ‘‘मिशन 2030‘‘ के लिए भौतिक रूप से एवं ‘‘मिशन 2030‘‘ की वेबसाइट पर आनलाइन भी सुझाव प्रस्तुत कर सकते है जिससे राज्य विजन डॉक्यूमेन्ट 2030 के विकास के लक्ष्य निर्धारित किये जा सकें।





